Thursday, June 21, 2018
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मूली के औषधीय गुण

मूली के औषधीय गुण

मूली के औषधीय गुण कितने अधिक हैं इसके बारे में अधिक चर्चा की जाए तो एक आर्टिकल में बता पाना बड़ा ही मुश्किल हो जाता है नमस्कार दोस्तों मैं प्रभात कुमार आपका स्वागत करता हूं आर्यवर्त इंडिया में जहां पर आज हम मूली के ऐसे ही कुछ औषधीय गुणों के बारे में चर्चा करेंगे।

तू तो सबसे पहले हम बात करते हैं की मूली किस किस तरह के रोग और शारीरिक समस्याओं में कारगर दवा का कार्य करती है इस दृष्टि से देखा जाए तो पथरी पेशाब में जलन खूनी बवासीर श्वास रोग बिच्छू का विष पेट में कीड़े दाद कान की पीड़ा सूजाक आदि में मूली एक कारगर दवा का कार्य करती है।

वैसे तो बात कीजिए यदि मूली की तो हम उसकी जड़ वाला भाग का उपयोग करते हैं अक्सर सलाद के तौर पर हम खाते हैं और कई जगह होते इसकी सब्जियां भी बनाई जाती हैं परंतु इसके बीच इसके फल इसकी पत्तियां सभी में अत्यधिक आरोग्य देने वाले गुण होते हैं जो कि व्यक्ति को स्वस्थ रखने में कारगर है।

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vitamins in Mauli।

दोस्तो बात की जाएगी मूली में किस-किस तरह के विटामिन मौजूद होते हैं तो विटामिन बी और विटामिन सी मूली में प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते हैं जो कि पेट के लिए बहुत ही फायदेमंद है और यदि किसी को पीलिया हो गया है तो उसके लिए तो मूली अमृत के समान है।

मूली में पोषक तत्व।

दूसरी बात कि जाए पोषक तत्वों की तो मूली में 1.19 ग्राम प्रोटीन 0.17 ग्राम वसा 1.78 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और लगभग 13 ग्राम कैलोरी पाई जाती है तो यह तो छोटा सा कंपोजीशन मूली के अंदर कौन कौन से पोषक तत्व कितनी मात्रा में उपस्थित होते हैं

मूली के पत्ते के फायदे।

मूली के पत्ते भी बहुत ज्यादा गुणकारी है कई लोगों का मत है यह कहे तो कई लोग इस तरह से सोचते हैं की पत्तों के बिना मूली देर से बचती है इसलिए मूली के साथ पत्ते जरूर खाना चाहिए तो यह उनके लिए बेहतर है जिनका डाइजेशन थोड़ा सा कमजोर होता है यदि वह मूली खाते हैं और उनको वह डाइजेस्ट नहीं होती है ऐसे में वह मूली के पत्ते मूली के साथ खा सकते हैं।

पेशाब में जलन का इलाज।

यदि किसी को पेशाब करते समय जलन होती है तो ऐसे मैं भी मूली काफी कारगर है जो की पीड़ा मिटाने का कार्य करती है इसके लिए इसके स्वरस करना चाहिए

आमाशय की पीड़ा का इलाज।

मूली के साथ यदि कोई व्यक्ति काली मिर्च और नमक का सेवन करता है तो उसे कुछ ही समय में अमाशय की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है।

खूनी बवासीर का इलाज।

यदि किसी को खूनी बवासीर है तो ऐसे में यदि कोई व्यक्ति कच्ची मूली का सेवन नियमित रूप से करता है तो उसे लाभ प्राप्त होता है और बीमारी जल्द से जल्द ठीक हो जाती है।

श्वास रोग में मूली का उपयोग।

यदि किसी का श्वास रोग है और बार बार यदि हिचकियां भी आ रही है तो इन दोनों ही समस्या में मूली एक कारगर दवा का कार्य कर सकती है सूखी मूली के टुकड़ों को पानी में उबालकर कहा बना ले और यदि इस कार्य को कोई व्यक्ति पीता है तो हिचकी और स्वास्थ्य के रोग में उसे निश्चित तौर पर लाभ प्राप्त होगा।

बिच्छू काटने पर क्या करें।

यदि किसी को बिच्छू काटता है तो ऐसे मैं भी मूली एक दवा का कार्य कर सकती है आपको करना यह है की मूली को तो कड़ी में नमक मिलाकर बिच्छू का जहां पर दंश लगा हुआ है वहां पर लगा देना है इससे पीड़ा शांत होती है और थोड़ा समय मिल जाता है प्रभावित व्यक्ति को चिकित्सक के पास ले जाने तक के लिए साथ ही यह कहा जाता है बहुत सारे आयुर्वेद के ज्ञाता या मानते हैं कि हमेशा मूली के सेवन करने वाले को बिच्छू का विष नहीं चढ़ता है।

अफरा की दवा।

यदि मूली के पत्तों का रस का सेवन किया जाए तो पेट की पीड़ा ऑफरा अर्स जिसे बाबासीर भी कहते हैं मैं लाभ प्राप्त होता है।

मूली के 2 तोला रस में 5 तोला गाय का घी मिला दिया जाए और कुछ दिनों तक इस मिश्रण का सेवन किया जाए तो यह बवासीर की दवा की तरह कार्य करता है और व्यक्ति को लाभ पहुंचाता है।

पथरी का इलाज।

इस मूली के पत्तों क4 तुला राशि और अजमोद तीन मासा यदि दिन में दो बार सेवन किया जाए तो कुछ ही दिनों में पथरी गल जाती है

मूली के अन्य फायदे।

यदि मूली के बीजों को अपामार्ग की जड़ के साथ पानी में पीसकर ले बना लिया जाए और श्वेत कुष्ठ मैं लगाया जाए तो लाभ प्राप्त होता है।

मूली के बीजों का चूर्ण 6 मासा जल के साथ लेने से पुराने उपदंश जिसे सुजाक भी कहते हैं मैं लाभ प्राप्त होता है।

मूली का यदि बात की जाए भोजन में तो विशेष तरह से उपयोग होता है इसे सलाह के तौर पर हम आमतौर पर लेती हैं लेकिन इसके अतिरिक्त इसका अचार मूली के पराठे मूली का मुरब्बा मूली की साग मूली के चटपटे व्यंजन आदि बनते रहते हैं जो आपने कभी न कभी खाए होंगे मुझे विटामिन ए बी और सी काफी मात्रा में मौजूद होता है जिससे हमारे शरीर में ब्राउन को निमोनिया यक्ष्मा मद्रास मारी बेरी बेरी मस्तिष्क बात तंतुओं का सूत रतौंधी हृदय की दुर्बलता कर्वी रक्त की कमी स्वास्थ संबंधी रोग आदि सभी कम ही होने की संभावना होती है मूली के पत्ते इन सारे रोगों को नष्ट करने में सहायक है क्योंकि इसके पत्तों में विटामिन सी अधिक होता है और और भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं तो यह लगभग सभी विटामिनों की कमी को पूरा करता है।

उम्मीद करता हूं दोस्तों की मूली के औषधीय गुण क्यों पर बनाई गई है रिपोर्ट आपको पसंद आई होगी इस तरह की और ज्ञान को बढ़ाने वाली जीवन को सरल बनाने वाली जानकारियों को पढ़ते रहने के लिए आप ईमेल के जरिए हमें सब्सक्राइब कर सकते हैं और साथ ही हमारे फेसबुक पेज को लाइक कर सकते हैं और सारे नए लेटेस्ट आर्टिकल को आसानी से पढ़ सकते हैं।

note दी गई जानकारी जन-जागरूकता में दी गई है इसे वैद्य की सलाह के तौर पर ना लें किसी भी विधि का प्रयोग करने से पहले अपने स्वविवेक का प्रयोग करें।

 

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