Thursday, June 21, 2018
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काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी

काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी

काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी

काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी – दोस्तों ये पांचो विकार आप के जीवन को बुरी तरह प्रभाविय करते है और हमेशा हमें परेसनियो में डाल देते है तो चलिते जान लेती है इन सबके बारे में |

काम क्या है 

इस जगत की उत्पत्ति काम से ही हुई है सभी जीवो में काम की भावना होती है परंतु जब वह शक्ति में बदल जाती है तब मनुष्य तेज हो जाता है समाज के बने नियमों के अंदर रहकर ही मनुष्य को पितृ ऋण से मुक्त होना चाहिए अतिशय तन मन धन की हानि तो निश्चय है काम विकार में मनुष्य बहुत ही गलत कार्य कर बैठता है क्षणिक सुख के लिए अपना चरित्र गिरा देता है समाज परिवार के सामने नीचा देखना पड़ता है इसलिए इस काम रूपी विकार को अपनी इंद्रियों एवं मन को बस में रख कर जीतना चाहिए “काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी”

क्रोध क्या है 

जब मनुष्य की कोई इच्छा पूर्ति नहीं होती और उसमें कोई बाधा उत्पन्न होती है या उसके अनुकूल कोई कारण नहीं होता तो उसे क्रोध आने लगता है इसलिए किसी भी कार्य को पूरे देश एवं संयम के साथ पूरा करने का प्रयास करना चाहिए जब मनोज अपना धैर्य संयम और विवेक खो देता है तो वह खोज में परिणित हो जाता है और वह सही गलत का निर्णय नहीं ले पाता परंतु इ इसके विपरीत यदि उसकी इच्छाएं लालसा जब पूरी हो जाती हैं तो उसके अंदर एक नया विकार उत्पन्न हो जाता है और वह उसी प्रकार के कार बिना सोचे विचारे करने लगता है । हमेशा क्रोध आने पर ढेर और संयम की आवश्यकता है क्योंकि क्रोध अंधा होता है क्रोध आने पर मनुष्य क्या सही है और क्या गलत है का निर्णय नहीं ले पाता ।”काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी”

मोह क्या है 

जब मनुष्य को किसी चीज से अधिक लगाव हो जाता है तो वह उसे पाने के लिए कोई भी गलत काम तक कर डालता है यदि उस वस्तु से अधिक लगाव है तो उसके खो जाने या उससे विषयों खो जाने पर अत्यधिक दुखी हो जाता है और कभी-कभी तो कुछ लोगों का मानसिक संतुलन खराब हो जाता है इसलिए किसी वस्तु के प्रति मनुष्य को इतना वक्त नहीं होना चाहिए कि उसके खो जाने का दुख ना कह सके।”काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी”

लोभ क्या है 

लोभ पाप का मूल है जब मनुष्य के अंदर लोग सात्विक होता है एक सीमा तक तो दूसरे विकारों से बसता है परंतु जब लोग आ सकती में बदल जाए तो मनुष्य उसे पाने के लिए इतना हो जाता है  कि वह बुरे से बुरे गलत से गलत कार्य कर बैठता है इसलिए सभी को लोग से बचना चाहिए  ।

अहंकार क्या है 

आप जो भी हो उसके बारे में आप को पता नहीं और जो आप हो ही नहीं स्वयं को वो समझते हो और दुसरो को वही समझाने को वाध्य करते हो जबकी सब ये जाने हो की आप वो नहीं जो आप स्वयं को समझते हो यही अहंकार है |

“काम क्रोध लोभ मोह अहंकार मीनिंग इन हिंदी”

 

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