असफलता से सफलता की कहानी

“असफलता से सफलता की कहानी” दोस्तों आज देश की आबादी 125 करोड़ से ज्यादा हो रही है और इस आबादी में 70 फ़ीसदी युवा है कुछ के पास रोजगार हैं कुछ के पास रोजगार नहीं है हर रोज करोड़ों युवा रोजगार के लिए कहीं न कहीं आवेदन करते हैं कुछ तो चयनित हो जाते हैं लेकिन अधिकतर लोगों के हाथों में  जो हाथ लगता है जो पास आता है वह होता है रिजेक्शन ।

“असफलता से सफलता की कहानी “

और जो यह रिजेक्शन शब्द है ना इतना घातक है वह देश के युवाओं के मनोबल को इतना नीचे गिरा सकता है इतना नीचे गिर सकता है कि दोबारा खड़े हो जाना युवाओं के लिए एक हिमालय पर चढ़ने जैसी बात हो सकती है ।

पर ऐसा नहीं है कि जिसे रिजेक्शन मिलता है उसके अंदर योग्यताएं नहीं है आपको भी कई बार रिजेक्सन मिला होगा एक बार नहीं सैकड़ों बार पर मुद्दे की बात यह है क्या आपको स्वयं के ऊपर विश्वास है क्या आपको लगता है कि आप जो रिजेक्शन का लेटर मिला है वह गलत है उस स्थान पर चयनित होने के लिए जहां पर आप ने आवेदन किया आपके अंदर पर्याप्त योग्यताएं थी।

यदि यह विश्वास आपको है ना आपको सैकड़ों रिजेक्शन मिलते रहे हजारों रिजेक्शन मिल जाएं कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि जब आप अपनी आसमान की उड़ान के लिये अपने पंख फैल आएंगे  उडेंगे यह दुनिया देखकर  अचम्भित  रह जाएगी यह सोचने के लिए मजबूर हो जाएगी कि कहीं हमारी सिलेक्शन कैपेसिटी में कोई कमी तो नहीं थी जो इतनी बड़ी प्रतिभाओं को चयनित करने से हमने  गलती कर दी और उसे रिजेक्शन दे दिया।

ऐसे कुछ लोगों की आज कहानी में आपको बताने वाला हूं जिन्हें रिजेक्शन मिला और कई बार रिजेक्शन मिला लेकिन उसके बाद ही उन्होंने कुछ ऐसे काम किए जिनके लिए उन्हें हम आज तक याद करते हैं।

WhatsApp की असफलता से सफलता की कहानी  –

 

“पहली कहानी है WhatsApp की – WhatsApp एक ऐसा मोबाइल एप्लिकेशन बन चुका है जिसके बिना कोई भी मोबाइल Android फोन iPhone हैंडीकैप मालूम पड़ता है विकलांग लगता है मोबाइल में फोन डायरेक्टरी बाद में सेव करें लेकिन पहले WhatsApp को इंस्टॉल करते हैं WhatsApp को बनाया था ब्रायन एक्टन ने ब्रायन एक्टन WhatsApp को बनाने से पहले Facebook के पास जाते हैं Facebook के पास जाकर कहते हैं कि उन्हें जॉब चाहिए क्या वह नहीं जॉब दे सकता है Facebook कहते हैं आपके लायक हमारे पास जॉब नहीं है इसके बाद ब्रायन एक्टन को फेसबुक से रिजेक्शन मिलता है ।उसके बाद  ब्रायन एक्टन के पास जाते हैं ट्यूटर भी सेम बात बोलता है वह रिजेक्शन दे देता है।

बाद में वहीं ब्रायन एक्टन WhatsApp बनाते हैं WhatsApp आज दुनिया में कितना सफल है यह तो आप समझते ही होंगे लेकिन आज मैं आपको कुछ आकडे बताता हूंआज दुनिया भर में WhatsApp को उपयोग करने वालों की संख्या 600 करोड़ से ज्यादा है आज हिंदुस्तान की जनसंख्या 125 करोड़ है तब आप समझ सकते की 600 करोड़ लोग जिस एप्लीकेशन का उपयोग कर रहे हैं वह कितना पावरफुल एप्लीकेशन होगा इतना पावरफुल एप्लीकेशन कि जिस Facebook ने कभी उसके मालिक को जॉब देने से मना कर दिया था आज वही Facebook वापस ब्रायन एक्टन के पास आता है और उनसे WhatsApp खरीदने के लिए  बात करता है और उनसे WhatsApp 19 बिलियन डॉलर पर खरीदता है ।

19 बिलियन डॉलर को यदि सामान्य रुपए के तौर पर समझाएं तो लगभग 130000 करोड रुपए इतनी बड़ी रकम मध्यप्रदेश सरकार का बजट भी नहीं है आप इस बात से इसको समझ सकते हैं वह Facebook जो कभी ब्रायन एक्टन को रिजेक्शन देता है ब्रायन एक्टन के स्वयं के ऊपर विश्वास होने के कारण बाद में उसी ब्रायन एक्टन के पास बिजनेस डील के लिए आता है।

क्या आपको स्वयं का विश्वास है कि आप खुद पर विश्वास करते हैं यदि आपको खुद पर विश्वास है तो दुनिया आपको कितने भी रिजेक्शन क्यों ना दे कोई फर्क नहीं पड़ता है भारत के अंदर भी ऐसे बहुत सारे उदहरण पर मौजूद हैं।

चंद्रशेखर वेंकटरमन की कहनी

“असफलता से सफलता की कहानी “बात करते हैं चंद्रशेखर वेंकटरमन की महान भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन कभी इंजीनियर दाखिला लेना चाहते थे इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेने के लिए IIT का एग्जाम दिया दुर्भाग्य से  चयन नहीं हो पाया उनको वहां पर रिजेक्शन मिलता है बाद में चंद्रशेखर वेंकटरमन सामान्य भौतिक विज्ञान से अपना ग्रेजुएशन पूरा करते हैं ।

एक बार जहाज से कहीं जा रहे होते हैं तो उन्होंने समुद्र के पानी को नीला देखा समुद्र का पानी रंगहीन होता है पर नीला क्यों दिखाई देता है इस बात को लेकर उन्होंने रिसर्च चालू की और रमन प्रभाव की खोज की इस रमन प्रभाव के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ आप समझ सकते हैं कि कैसा व्यक्ति जो कभी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेना नहीं पाया उस व्यक्ति को बाद में नोबेल पुरस्कार मिला विश्व के सबसे बड़े पुरुस्करो में से एक पुरस्कार मिलता है जरूरी नहीं कि आपको कभी कहीं रिजेक्शन मिल जाए तो इसका मतलब यह है कि आपके अंदर प्रतिभा नहीं हैं ।

एपीजे अब्दुल कलाम की कहनी

“असफलता से सफलता की कहानी “हमारे पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम अपना कॉलेज खत्म कर कर नौकरी की तलाश में निकले तब वह एयर फोर्स में पायलट बनना चाहते थे वह आवेदन करते हैं  लिए लेकिन उनको वहां पर सिलेक्ट नहीं किया जाता है उनको वहां से रिजेक्शन मिलता है एपीजे अब्दुल कलाम निराश होते हैं परेशान भी होते हैं लेकिन उनका विश्वास खुद के ऊपर अटल होता है उन्हें पता था कि उनके अंदर अभूतपूर्व प्रतिभा छुपी हुई है बाद में इसी व्यक्ति ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया अग्नि जैसी मिसाइल बनाई और देश का ऐसा राष्ट्रपति बना जिसे आम जनता का राष्ट्रपति कहा गया ।”असफलता से सफलता की कहानी “

तो मुझे बताइए क्या अब्दुल कलाम के अंदर इतनी क्षमता नहीं रही होगी कि वह पयलेट बन पाते , चंद्रशेखर वेंकटरमन के अंदर इतनी क्षमता नहीं रही होगी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले पाते या WhatsApp बनाने वाले बता नहीं रही होगी कि वह Facebook जॉब ले पाते हैं इनको रिजेक्शन देने वाले लोग बाद में पछताए होंगे शायद उनकी आंखों में मोतियाबिंद रहा होगा क्योंकि वह इतनी बड़ी प्रतिभाओं को पहचान नहीं पाए ।”असफलता से सफलता की कहानी “

आपके अंदर भी ऐसी प्रति हो चुकी हो आपको भी बार बार रिजेक्शन मिलते हो एक बार खुद की प्रतिमा पर विश्वास करके देखिए अपनी आत्मा को थोड़ा ऊंचा करके देखिए आप जो कर सकते हैं वह शायद कोई और नहीं कर सकता है इसलिए दुनिया उस चीज को देख ही नहीं पा रही फैसला आपके ऊपर है बार बार मिल रहे जंक्शन से हार मान कर बैठ जाएंगे|

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